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Sunday, August 31, 2014

दक्षिण अफ्रीका डायरी - भाग ३

मैंने अपने बिल्डिंग के पड़ोसियों एवम अन्य कई लोगों का जिक्र किया लेकिन अपने मकान मालिक का जिक्र किये बिना बात अधूरी रहेगी | डॉ क्लोटनिक , जो कि सामान्य बीमारियों के डॉ हैं और यहाँ पर रहने वाले सारे बैंकर्स के भी डॉ हैं | नौजवान , खुशमिजाज और हमेशा मदद के लिए तैयार | यहाँ पर रह रहे अन्य प्रवासियों की किस्मत शायद उतनी अच्छी नहीं है , लेकिन मुझे अब झिझक होने लगी है उनसे कुछ कहने में | हमेशा एक ही बात कहते हैं " मैं चाहता हूँ कि आप और आपके परिवार को यहाँ कोई दिक्कत नहीं हो " | अगर मैंने भूल से भी कह दिया कि कोई चीज पुरानी हो रही है घर में , तो अगले ही सप्ताह कई नई चीजें लेकर हाजिर | बीच बीच में फोन करके कुशलछेम पूछते रहना और महीने दो महीने में एक बार मिल लेना उनकी आदत में शुमार है | घर पर काम करने वाली बाई " क्रिस्टीना ", जिसे हम मज़ाक में कैटरीना कहते हैं , एक ६३ वर्षीय महिला है जो बहुत खुशमिजाज और कर्मठ है | बहुत मेहनत और सफाई से अपना कार्य करके शाम को अपने घर वापस | हिंदुस्तानी चावल उसे बहुत पसंद है और लगभग हर सब्ज़ी को चखने के बाद एक ही वाक्य बोलती है " बहुत तीखा है "|
घर के ठीक सामने ही वांडरर्स स्टेडियम है जहाँ पर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेले जाते हैं | पाकिस्तान की क्रिकेट टीम का मैच था इसी स्टेडियम में और पहली बार किसी अंतर्राष्ट्रीय मैच को इतने आराम से देखने का मौका मिला | यहाँ पर लोग सिर्फ मैच देखने नहीं आते हैं बल्कि पूरा पिकनिक मनाने आते हैं , ढोल ढमाके के साथ , बियर पीते हुए | मैच के बीच में जो आधे समय का अंतराल होता है उसमे सभी दर्शकों को मैदान में जाने की अनुमति होती है | हम लोग भी इस दरम्यान मैदान में घूम लिए |
अचानक बैंक के एक कार्य से डरबन जाने का कार्यक्रम बन गया | यहाँ कि सस्ती विमान सेवा जिसका नाम " मैंगो एयरलाइन्स " है , से डरबन गए | समुद्र तट पर स्थित एक होटल में हम लोग रुके | समुद्र तट बहुत स्वच्छ था और आस पास का इलाका बहुत सुन्दर | दिन में बैंक का कार्य निपटाया और शाम को होटल आने पर पता चला कि हिंदुस्तान से कई टेलीविज़न सितारे भी उसी होटल में ठहरे हुए हैं | फिर अगले दिन उन सारे सितारों से मुलाक़ात हुई | हिंदुस्तान में ऐसे लोगों से मिलना बहुत दुरूह होता है लेकिन यहाँ बड़े आराम से मिलते हैं ये लोग | डरबन में काफी हिंदुस्तानी लोग रहते हैं और उन लोगों ने कई मंदिर इत्यादि भी बना रखे हैं | डरबन स्थित शिव मंदिर , पक्षी पार्क , और चर्च देखा और रात्रि में समीप स्थित मल्टीप्लेक्स में बुलेट राजा फिल्म देखी क्योंकि इस फिल्म की शूटिंग लखनऊ में मेरी पदस्थापना के दरम्यान ही हुई थी |
तीसरे दिन पुनः उसी मैंगो एयरलाइन्स से जोहानसबर्ग वापसी हुई | क्रमशः ...

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