चारो तरफ चीख़ पुकार मची हुई थी, सारे बदहवास भाग रहे थे। जिधर देखो उधर, आग ही आग, ख़ून और मांस बिखरा पड़ा था|
थोड़ी ही देर में इलाक़ा पुलिस और मीडिया के लोगों से भर गया। बम डिस्पोजल स्कवॉड भी आ गया। पूरे शहर में तनाव फ़ैल गया क्योंकि विस्फ़ोट की जगह एक धर्मस्थल के पास थी और अफ़वाहें पूरे जोरों पर थीं।
इन सबसे बेख़बर , एक मोहल्ले में बूढ़ा भिखारी अपनी जगह पर बैठा हुआ था। किसी को नहीं पता था कि वो किस मज़हब का है, सबके आगे हाँथ फैलाना और कुछ मिल जाने पर दुआ देना, बस इतना ही जानता था वो। बड़े और बिखरे बाल और बड़ी सी दाढ़ी उसकी पहचान थे। लेकिन उसी मोहल्ले के एक कोने में कुछ लोग आपस में फ़ुसफ़ुसा रहे थे " वो जरूर उस मज़हब का ही है , मौका है इस विस्फ़ोट का बदला ले लेते हैं ।
और थोड़ी देर में लोगों ने देखा कि इंसानियत का एक बार फिर खून हो गया था।
थोड़ी ही देर में इलाक़ा पुलिस और मीडिया के लोगों से भर गया। बम डिस्पोजल स्कवॉड भी आ गया। पूरे शहर में तनाव फ़ैल गया क्योंकि विस्फ़ोट की जगह एक धर्मस्थल के पास थी और अफ़वाहें पूरे जोरों पर थीं।
इन सबसे बेख़बर , एक मोहल्ले में बूढ़ा भिखारी अपनी जगह पर बैठा हुआ था। किसी को नहीं पता था कि वो किस मज़हब का है, सबके आगे हाँथ फैलाना और कुछ मिल जाने पर दुआ देना, बस इतना ही जानता था वो। बड़े और बिखरे बाल और बड़ी सी दाढ़ी उसकी पहचान थे। लेकिन उसी मोहल्ले के एक कोने में कुछ लोग आपस में फ़ुसफ़ुसा रहे थे " वो जरूर उस मज़हब का ही है , मौका है इस विस्फ़ोट का बदला ले लेते हैं ।
और थोड़ी देर में लोगों ने देखा कि इंसानियत का एक बार फिर खून हो गया था।
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