आज इतिहास फिर अपने को दुहरा रहा था| जैसे ही बहू ने घबराते हुए बताया कि उसका बेटा नज़मा से शादी करना चाहता है, उनकी आँखों में २५ साल पहले का दृश्य घूम गया|
उस सुबह को भूलना उनके लिए आज भी संभव नहीं था जब उनका बेटा शहर से अपने साथ एक विजातीय लड़की को लेकर आया था| बहुत स्पष्ट शब्दों में उसने कहा था " बाबूजी , मुझे पता है कि ये शादी आप स्वीकार नहीं करेंगे, इसलिए हमने कोर्ट में शादी कर ली है और आपका आशीर्वाद लेने आये हैं "|
अंगारे बरसाती आँखों से उन्होंने उसकी तरफ देखा था और घर छोड़ देने का हुक्म सुना दिया था| दोनों वापस चले गए और इस सदमे से उनकी पत्नी ने बिस्तर पकड़ लिया|
कुछ ही सालों में उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे दोनों को खो दिया और फिर बहू को पोते की वज़ह से अपने गाँव ले आये| समय के साथ अपने अंदर होते बदलाव को वो महसूस तो कर रहे थे लेकिन मन खुल कर मानने को तैयार नहीं था| आज की घटना ने उन्हें एक बार फिर आत्ममंथन पर मज़बूर कर दिया था| बेटे के बाद पोते को भी खोना, आगे नहीं सोच पाये|
" बहू, शादी की तैयारी शुरू कर दो, आखिर अपने घर में बहुत सालों बाद ऐसा अवसर आ रहा है "|
बहू ने उनकी तरफ आश्चर्य से देखा, वो अपना चेहरा दूसरी तरफ कर चुके थे|
उस सुबह को भूलना उनके लिए आज भी संभव नहीं था जब उनका बेटा शहर से अपने साथ एक विजातीय लड़की को लेकर आया था| बहुत स्पष्ट शब्दों में उसने कहा था " बाबूजी , मुझे पता है कि ये शादी आप स्वीकार नहीं करेंगे, इसलिए हमने कोर्ट में शादी कर ली है और आपका आशीर्वाद लेने आये हैं "|
अंगारे बरसाती आँखों से उन्होंने उसकी तरफ देखा था और घर छोड़ देने का हुक्म सुना दिया था| दोनों वापस चले गए और इस सदमे से उनकी पत्नी ने बिस्तर पकड़ लिया|
कुछ ही सालों में उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे दोनों को खो दिया और फिर बहू को पोते की वज़ह से अपने गाँव ले आये| समय के साथ अपने अंदर होते बदलाव को वो महसूस तो कर रहे थे लेकिन मन खुल कर मानने को तैयार नहीं था| आज की घटना ने उन्हें एक बार फिर आत्ममंथन पर मज़बूर कर दिया था| बेटे के बाद पोते को भी खोना, आगे नहीं सोच पाये|
" बहू, शादी की तैयारी शुरू कर दो, आखिर अपने घर में बहुत सालों बाद ऐसा अवसर आ रहा है "|
बहू ने उनकी तरफ आश्चर्य से देखा, वो अपना चेहरा दूसरी तरफ कर चुके थे|
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