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Friday, November 6, 2015

बेटी--

माँ की ही गोद का एहसास दिलाती है
बेटी मुझे आजकल कुछ ऐसे सुलाती है
कल तक हम समझे , कि है वो छोटी
आज कहकर बेटा, मुझको खिलाती है
वज़ह थी जीने की , जब थी वो बच्ची
आज अपने प्यार से हमको जिलाती है
थी पहचान उसकी , कभी नाम से मेरे
दुनियां हमें उसके ही नाम से बुलाती है
माँ की ही गोद का एहसास दिलाती है
बेटी मुझे आजकल कुछ ऐसे सुलाती है !!

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