राज रोज ख़बरें आ रही थीं , फलाँ , फलाँ ने फलाँ पुरस्कार लौटाया और उसके बाद अखबार और टी वी पर उनकी फोटो और गर्मागर्म चर्चा | उनमें से कई लोगों का तो उन्होंने नाम भी नहीं सुना था , अब पता चला उनको कि इनको भी फलाँ पुरस्कार मिला था | चच्चा सोच रहे थे कि काश हमें भी मिला होता तो आज हम भी !
अचानक उनको याद आया और जल्दी जल्दी अलमारी खंगालने लगे कि इतने में चाची आ गयीं |
" क्या ढूँढ रहे हो अलमारी में आज , कुछ हेरा गया है का ?
" अरे तुम नहीं समझोगी , एक ठो सर्टिफिकेट था पहले का , वही ढूँढ रहे थे | पता नहीं कहाँ चला गया "|
" अबहीं कुछ दिन पहिले ही कुछ रद्दी कबाड़ी को बेचा था इसमें से निकाल कर , कहीं उसी में तो नहीं चला गया ?
" रहोगी गँवार की गँवार ही , बिना पूछे काहें बेच दिया कबाड़ी को ", और चच्चा बिगड़ते हुए कबाड़ी के दुकान की ओर भागे |
" अरे सजीवन , हमरे घर से कुछ कबाड़ी लाये थे का ? चच्चा के सवाल पर सजीवन ने सर उठाया और थोड़ा सोच कर हाँ में सर हिला दिया |
" कहाँ रक्खे हो उसको , एक ठो बहुत जरुरी सर्टिफिकेट था उसमें | जरा खोज देते तो बहुत मेहरबानी होती ", चच्चा गिड़गिड़ाने लगे |
" देखो चच्चा , इहाँ जो कुछ आता है उ सब कहीं भी फेंका जाता है और फिर ट्रक में लाद कर बाहर भेज दिया जाता है | अब कहाँ ढूँढ पाएंगे उसको , वैसे था क्या उसमें चच्चा ?
चच्चा बिना जवाब दिए वापस चल दिए | कैसे बताते कि बाकी लोगों की तरह उनके मन में भी उस सर्टिफिकेट को वापस करके मशहूर होने की चाहत हिलोरें मार रही थी जो कभी उनको कविता पाठ के लिए मिला था |
अचानक उनको याद आया और जल्दी जल्दी अलमारी खंगालने लगे कि इतने में चाची आ गयीं |
" क्या ढूँढ रहे हो अलमारी में आज , कुछ हेरा गया है का ?
" अरे तुम नहीं समझोगी , एक ठो सर्टिफिकेट था पहले का , वही ढूँढ रहे थे | पता नहीं कहाँ चला गया "|
" अबहीं कुछ दिन पहिले ही कुछ रद्दी कबाड़ी को बेचा था इसमें से निकाल कर , कहीं उसी में तो नहीं चला गया ?
" रहोगी गँवार की गँवार ही , बिना पूछे काहें बेच दिया कबाड़ी को ", और चच्चा बिगड़ते हुए कबाड़ी के दुकान की ओर भागे |
" अरे सजीवन , हमरे घर से कुछ कबाड़ी लाये थे का ? चच्चा के सवाल पर सजीवन ने सर उठाया और थोड़ा सोच कर हाँ में सर हिला दिया |
" कहाँ रक्खे हो उसको , एक ठो बहुत जरुरी सर्टिफिकेट था उसमें | जरा खोज देते तो बहुत मेहरबानी होती ", चच्चा गिड़गिड़ाने लगे |
" देखो चच्चा , इहाँ जो कुछ आता है उ सब कहीं भी फेंका जाता है और फिर ट्रक में लाद कर बाहर भेज दिया जाता है | अब कहाँ ढूँढ पाएंगे उसको , वैसे था क्या उसमें चच्चा ?
चच्चा बिना जवाब दिए वापस चल दिए | कैसे बताते कि बाकी लोगों की तरह उनके मन में भी उस सर्टिफिकेट को वापस करके मशहूर होने की चाहत हिलोरें मार रही थी जो कभी उनको कविता पाठ के लिए मिला था |
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