हुआ दर्द , फिर भी भुलाते रहे
युहीं जिंदगी , हम बिताते रहे
भर आई थीं आँखें , हमारी मगर
ये सरगम उन्हें हम , सुनाते रहे
नहीं रक्खी अपनों ने रिश्तों की लाज
हम उनको ही दिल से , निभाते रहे
पलट के भी देखा नहीं उम्र भर
बड़े प्यार से हम , बुलाते रहे
थे हम बेतक़ल्लुफ़ जहाँ जाम से
वहीँ वो नज़र से , पिलाते रहे
वो दावे कि थामेंगे दामन कभी
ये ऐतबार अश्कों में , गिराते रहे
हुआ दर्द , फिर भी भुलाते रहे
युहीं जिंदगी , हम बिताते रहे !!
युहीं जिंदगी , हम बिताते रहे
भर आई थीं आँखें , हमारी मगर
ये सरगम उन्हें हम , सुनाते रहे
नहीं रक्खी अपनों ने रिश्तों की लाज
हम उनको ही दिल से , निभाते रहे
पलट के भी देखा नहीं उम्र भर
बड़े प्यार से हम , बुलाते रहे
थे हम बेतक़ल्लुफ़ जहाँ जाम से
वहीँ वो नज़र से , पिलाते रहे
वो दावे कि थामेंगे दामन कभी
ये ऐतबार अश्कों में , गिराते रहे
हुआ दर्द , फिर भी भुलाते रहे
युहीं जिंदगी , हम बिताते रहे !!
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