अगर दुनियाँ में बस इंसान होता
घरों में गीता ,और क़ुरआन होता
घरों में गीता ,और क़ुरआन होता
भुला देते वो गर , नफ़रत दिलों से
उनका जीना भी कुछ आसान होता
उनका जीना भी कुछ आसान होता
अगर वो मान लेते दोस्त हमको
यक़ीनन बस यही एहसान होता
यक़ीनन बस यही एहसान होता
अगर दुनियाँ में बस इंसान होता
घरों में गीता ,और क़ुरआन होता !!
घरों में गीता ,और क़ुरआन होता !!
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