Translate

Wednesday, January 6, 2016

देने का सुख--

दिन भर की पिकनिक के बाद लौटते समय बच्चों ने पिज़्ज़ा खाने के लिए कहा लेकिन मना कर देने से बहुत उदास थे । त्यौहार के दिन उदासी ठीक नहीं लग रही थी , अचानक उसके दिमाग में कुछ आया और उसने बच्चों को कुछ रुपये दिए और उनको सोसाइटी के गेट कीपर्स को दे आने के लिए कहा ।
लौट कर आने के बाद बच्चों का चेहरा खिला हुआ था , कुछ देने के बाद पाने वाले के चेहरे की ख़ुशी ने अपनी फरमाईस पूरी न होने से हुई उदासी को बहुत पीछे छोड़ दिया था ।

No comments:

Post a Comment