हाथ में ड्रिप से बूँद बूँद खून चढ़ रहा था और जिंदगी भी हौले हौले मौत को दूर खदेड़ रही थी | अर्धबेहोशी की हालत में भी उसकी तन्द्रा जैसे बरकरार थी , यूँ लगता था जैसे वापस तैयारी कर रहा हो जंग लड़ने की | एक पैर उड़ चूका था और शरीर बुरी तरह जख्मी , लेकिन दो आतंकवादियों को मार गिराने का गर्व जैसे उसके चेहरे पर चमक रहा था | ऐसा मरीज अब तक नहीं देखा था उस हस्पताल में डॉक्टरों ने जो मौत को इस तरह खुले आम चुनौती दे रहा हो | उन्होंने तो सोचा भी नहीं था कि यह जख्मी मरीज कुछ मिनट भी जीवित रहेगा |
डॉक्टर ने एक बार फिर नब्ज चेक की और एक और दवा का इंजेक्शन ड्रिप में लगा दिया | अगल बगल के बिस्तरों पर पड़े मरीज जो कल तक अपने दर्द से पूरे वार्ड को ग़मज़दा रखते थे , आज खामोश थे | वहाँ खड़े अधिकारी ने डॉक्टर से बात की और उसे महानगर के सुपर स्पेशियलिटी हस्पताल में ले जाने की तैयारी में लग गए | जैसे ही कुछ जवान उसे स्ट्रेचर पर डाल कर ले जाने लगे और वहाँ मौजूद हर शख्स के हाथ उसके जज़्बे को सलाम करने के लिए उठ गए |
डॉक्टर ने एक बार फिर नब्ज चेक की और एक और दवा का इंजेक्शन ड्रिप में लगा दिया | अगल बगल के बिस्तरों पर पड़े मरीज जो कल तक अपने दर्द से पूरे वार्ड को ग़मज़दा रखते थे , आज खामोश थे | वहाँ खड़े अधिकारी ने डॉक्टर से बात की और उसे महानगर के सुपर स्पेशियलिटी हस्पताल में ले जाने की तैयारी में लग गए | जैसे ही कुछ जवान उसे स्ट्रेचर पर डाल कर ले जाने लगे और वहाँ मौजूद हर शख्स के हाथ उसके जज़्बे को सलाम करने के लिए उठ गए |
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