उसका दिल बहुत भर आया था आज , ऐसे लोगों को चुना था हमने | जिनसे उम्मीद थी कि वो लड़ेंगे हमारे लिए , वो तो अपने लिए ही लड़ते हैं | सिर्फ अपनों का ख्याल और समाज को ठेंगे पर रखना , शायद यही आज की राजनीति रह गयी है | लेकिन क्या सारी गलती उनकी ही है , हम भी तो नहीं उतरना चाहते इस कार्य में , गलत और गन्दा समझते हैं इसे | फिर तो शायद यही होगा , गलत जगह गलत लोग जायेंगे तो गलत ही करेंगे |
एक निश्चय पनपने लगा उसके दिमाग में , इस बार वो खुद लड़ेगा चुनाव और जूझेगा इस गन्दी व्यवस्था से | क्या होगा अगर हार जायेगा , जमानत भी नहीं बचेगी उसकी लेकिन ये बोझ तो नहीं रहेगा सीने पर कि खुद क्यूँ नहीं किया कुछ |
हाँ , अब इस सोच से बाहर निकलना होगा कि ये जगह गन्दी है तो हम नहीं जायेंगे | सफाई करना भी तो हमारी ही जिम्मेदारी है और गलत का विरोध करना भी | और इस व्यवस्था के अंदर रहकर विरोध करना ज्यादा कारगर होगा , सोचते हुए उसने टी वी बंद किया और बाहर की खुली हवा में सांस लेने निकल गया|
एक निश्चय पनपने लगा उसके दिमाग में , इस बार वो खुद लड़ेगा चुनाव और जूझेगा इस गन्दी व्यवस्था से | क्या होगा अगर हार जायेगा , जमानत भी नहीं बचेगी उसकी लेकिन ये बोझ तो नहीं रहेगा सीने पर कि खुद क्यूँ नहीं किया कुछ |
हाँ , अब इस सोच से बाहर निकलना होगा कि ये जगह गन्दी है तो हम नहीं जायेंगे | सफाई करना भी तो हमारी ही जिम्मेदारी है और गलत का विरोध करना भी | और इस व्यवस्था के अंदर रहकर विरोध करना ज्यादा कारगर होगा , सोचते हुए उसने टी वी बंद किया और बाहर की खुली हवा में सांस लेने निकल गया|
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